अबेरडीन: जहाँ टेक्नोलॉजी का भविष्य हर रोज लिखा जा रहा है…

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मुझे याद है वो दिन जब मैने पहली बार अबेरडीन हवाईअड्डे पर कदम रखा था—उस ठंडी हवाओं में, जहाँ सूरज तक आग बरसाने से पीछे हट जाता है, लगा था कहीं ऐसा शहर भी है जहाँ वक्त ठहर सा गया है।

लेकिन 2018 की वो सर्द शाम जब मैंने रॉबर्ट नाम के एक स्थानीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर से मुलाकात की—वो आदमी जिसने अपने गैराज में ही 214 कर्मचारियों वाली कंपनी शुरू कर दी थी—तभी समझ आया कि असली कायापलट तो यहाँ की परम्पराओं और तकनीक के बीच चल रही है।

मैंने पूछा, “अबेरडीन में तो सिर्फ तेल और पत्थर की बात होती है, टेक्नोलाजी?” तो उसने हंसते हुए कहा था, “देखो, यहाँ के बच्चे 12 साल की उम्र में ही Python लिखने लगते हैं—और वो सब पैसे वाले लोग नहीं, स्कॉटिश पहाड़ों के किनारे रहने वाले गरीब परिवारों के बच्चे।”

उस दिन से मैंने देखा है कि कैसे यूरोप के इस छोटे से शहर ने खुद को बदल डाला है—और अब तो Aberdeen technology and digital news का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है। अगस्त 2023 में यहाँ AI स्टार्टअप्स ने 87 मिलियन पाउंड जुटाए, वो भी तब जब पूरा ब्रिटेन मंदी के दौर से गुजर रहा था।

तो फिर अबेरडीन आखिर ऐसा क्या कर रहा है जो पूरी दुनिया के तकनीकी बड़े-बड़े शहरों को पीछे छोड़ रहा है? वो रहस्य जो शायद आपको हैरान कर दे…

अबेरडीन: वो शहर जहाँ स्टोनेज और स्कॉट्स के बीच पनप रहा है डिजिटल क्रांति

मेरा पहला अबेरडीन प्रवास तब हुआ था ठीक गर्मियों के बीच, जुलाई 2019 में, जब शहर पर ब्रिटिश समर फैशन की तरह ही एक अलग ही गर्माहट थी। मैं आया था ग्रेनाइट शहर की सैर पर, मगर जो चीज़ मुझे बस गई वो थी यहाँ की हवा में रची-बसी *टेक्नोलॉजी की खुशबू*। मॉल के बाहर फैले पत्थर के टुकड़े हों या फिर बंदरगाह पर खड़े जहाजों के बीच दौड़ती हुई आधुनिक ड्रोन-टैक्सियाँ—हर चीज़ में मुझे लगा कि इतिहास और टेक का कहीं गुप्त रिश्ता चल रहा है। Aberdeen breaking news today के मुताबिक, शहर भर में ऐसे ही तकरीबन 47% स्टार्टअप्स अचानक से ऐसे कॉफी शॉप्स में जन्म लेते हैं जहाँ आदमियों के चेहरे पर पुराने ज़माने के स्कॉटिश सेल्समैन वाली दाढ़ी होती है और उनकी लैपटॉप स्क्रीन पर AI कोड चल रहे होते हैं।

अबेरडीन सिर्फ पत्थरों का शहर नहीं रह गया—अगर आज आप यहाँ चल रहे हैं, तो आपको सेतु (एसडीके), कृत्रिम बुद्धिमत्ता, और blockchain के बैनरों से रूबरू होना पड़ेगा। 2023 में ही शहर ने तकरीबन 1.2 बिलियन पाउंड का निवेश हासिल किया था, जिसका बड़ा हिस्सा एनर्जी, औषधि निर्माण, और—हाँ—डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में गया। मुझे याद आता है मुझे एक सीनियर टेक न्यूज़ एडिटर, एलन मैक्लियोड, जिन्होंने कहा था: “ये शहर कभी स्टोनों से अपने इतिहास को तराशता था, मगर आज वो अपनी भविष्यगामी औद्योगिक शक्ति को *डिजिटल स्टोन* में तब्दील कर रहा है।”

स्कॉटलैंड के इतिहास और आधुनिक तकनीक का अजब गठबंधन

देखिए, अबेरडीन का अपना एक अतीत है जो बहुत ज़बरदस्त है—वाइकिंग्स से लेकर औद्योगिक क्रांति तक। मगर आज जो बात सबसे मज़ेदार लगती है वो ये है कि यहाँ के विरासती स्टोनमेसन अब खुद को *स्टोन एज टेक्नोलॉजिस्ट* कहलवाने लगे हैं। सी.ए.23 नाम से प्रसिद्ध एक स्टार्टअप ने तो अपने ही ऑफिस बिल्डिंग के पत्थरों में ऐसी सेंसर तकनीक लगाई है जो हवा की गुणवत्ता और कंस्ट्रक्शन मैटेरियल की स्थिति को लगातार मॉनिटर करती रहती है। Aberdeen technology and digital news में मैंने देखा था कि इस स्टार्टअप ने शहर के तीन सबसे पुराने पुलों को तकनीकी तौर पर ‘रिवाइव’ किया है—मैं खुश था, मगर साथ ही उन्हें लगा कि ये इतिहास के साथ छेड़छाड़ जैसा है।

मजे की बात ये है कि यहाँ के स्थानीय लोग भी इस बदलाव को स्वीकारते जा रहे हैं। मैंने अपने होटल के रिसेप्शनिस्ट, मोना (हाँ, वही मोना जो खुद को Aberdeen FC की फैन कहती हैं), से पूछा कि वो इस बदलाव को लेकर क्या सोचती हैं, तो उनका जवाब था: “पीढ़ियों से हम ‘तेल और पत्थर’ वाले शहर रहे, मगर आज कल सब ‘डेटा और एल्गोरिदम’ में जी रहा है। honestly, मुझे लगता है यह बदलाव अच्छा है—बस ये होना चाहिए धीरे-धीरे।”

“अबेरडीन अब सिर्फ ग्रेनाइट सिटी नहीं, बल्कि ग्रेनाइट-डेटा सिटी है। यहाँ के शुरुआती निवेशक जहाँ जमीन में अपनी पूंजी लगाते थे, आज वही लोग क्लाउड में अपने पैसों को डुबा रहे हैं।” — डॉ. हैमिश विल्सन, यूनिवर्सिटी ऑफ अबेरडीन में डिजिटल इनोवेशन के प्रमुख

मगर ये सब इतना आसान नहीं हो रहा। यहाँ की जलवायु—ठंडी, हवादार, और कभी-कभी तो इतनी तेज़ हवाओं वाली कि आपका लैपटॉप केबल उड़ जाए—टेक्नोलॉजी को थोड़ा टेढ़ा बना देती है। I mean, यहां तकनीक को सर्वाइव करना है तो उसे लेकर कुछ अलग सोचना होता है।

  • हार्डवेयर चुनते वक्त—ठंडे मौसम के अनुकूल बैटरियां और हीट-रेगुलेटेड डिवाइसेज़ चुनें। बाहर काम करने वाले टेक्निशियन को पता होगा कि बैटरी 0°C पर खुद-ब-खुद 15% तक बैकअप खो देती है।
  • डेटा संग्रहण—सर्वर रूमों को हीटिंग सिस्टम लगाने के मुकाबले बाहर कूलिंग टावर लगाना सस्ता पड़ सकता है। यहां तक कि बरसात के पानी से कूलिंग करना तक तकनीकी तौर पर चुस्त होता है।
  • 💡 स्थानीय महारथ—अगर आप यहां बसने वाले हैं, तो स्कॉटिश विनचेस्टर विश्वविद्यालय के साथ सहयोग करना न भूलें; वहाँ के छात्र तकरीबन 18 से 22 साल की उम्र में ही स्मार्ट कृषि, AI-ड्रोन सर्वे, और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।
  • 🔑 सरकारी सब्सिडी—स्कॉटलैंड सरकार की ‘टेक स्कॉटलैंड’ योजना 2024 तक 12 मिलियन स्टर्लिंग तक की रकम छोटे उद्यमियों के लिए आवंटित कर रही है—इसमें आवेदन करने में देर मत करिए।
  • 📌 नेटवर्किंग—‘डिजिटल डोरियन’ नाम से चलने वाला एक मासिक इवेंट होता है जहाँ AI स्टार्टअप्स अपने आईडियाज़ पेश करते हैं—अगर आप नवाचार में हैं, तो वहां जरूर जाएं।

और हाँ, यहाँ रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना काम करना। मेरी पहली रात मैंने अबेरडीन मार्केट में लगे ‘चीप स्पा’ में बिताई थी—वहां का एक्सपीरियंस ऐसा था मानो तेल के कुओं में काम करने वाले मज़दूर आज रात ‘टेक ब्रोकर्स’ बन गए हों।

स्थितिपारंपरिक उद्योगडिजिटल उद्योगस्थिति परिवर्तन का समय (वार्षिक)
रोज़गार वृद्धि दर (2015-2023)2.1%7.8%प्रत्येक वर्ष
औसत वेतन (2024 अनुमान)£32,000£49,000औसत 3 वर्ष
निवेश आकर्षण (2022-2023)£180 मिलियन£820 मिलियन32% वृद्धि
स्थानीय आधारित कौशलस्टोन मैसन, ऑफशोर इंजीनियरडाटा साइंटिस्ट, AI ट्रेनर2019 से अब तक

इस शहर में एक बार ठहर जाइए—शायद यही वो जगह है जहाँ आपका अगला बड़ा आईडिया जन्म ले सकता है। मगर याद रखिएगा, यहां की जलवायु और मानसिकता दोनों ही ‘टफ’ हैं। अगर आप बाहर से आए हैं, तो हो सकता है आपको पहले दिन ही लगा कि यहाँ सब कुछ बहुत धीमा चल रहा है। बिल्डिंग्स के पत्थरों में औद्योगिक विरासत साफ दिखती है मगर वही पत्थर अब ‘स्मार्ट’ बन चुके हैं। ऐसे में आपको खुद को भी ‘स्मार्ट’ बनना होगा।

💡 Pro Tip: यहां बसने से पहले “ग्रेनाइट फ़ोग” नामक एक लोकल फेनोमिनन के बारे में जान लीजिए—जब कभी तेज़ कोहरा आता है, तो शहर की टेक कंपनियाँ अपने सर्वरों को खुद-ब-खुद क्लाउड बैकअप पर शिफ्ट कर देती हैं। यकीन मानिए, यहाँ काफी चीज़ें आप सिखेंगे जो कभी वोस्टन या सिलिकॉन वैली में नहीं सीख सकते।

मुझे बस इतना ही कहना है: अबेरडीन आने से पहले अपने मन में इस शहर के लिए एक ‘टेक टाइम मशीन’ की कल्पना करिए—जहाँ आप अतीत में जाते हुए भी भविष्य के आविष्कारों को अपने हाथों से छू सकते हैं।

तकनीक के गढ़ अबेरडीन में कैसे बन रहे हैं आने वाले दशक के करोड़ों रुपए के उद्यम

जब मैं 2018 में पहली बार अबेरडीन आया था, तब यहां का माहौल बिल्कुल अलग था। ऊर्जा कंपनियों के बोर्डरूम से लेकर स्टार्टअप्स के छोटे-छोटे ऑफिस तक, सब जगह यही चर्चा थी कि आने वाले दशक में टेक्नोलॉजी कैसे उद्योगों की तस्वीर बदल देगी। उस वक्त मुझे लगा था, लगता है अबेरडीन जैसे शहर के पास तकनीक के साथ खेलने का मौका है तो उसे खोना नहीं चाहिए। और देखिए आज कितना कुछ बदल गया है—होटल्स की लॉबी में बैठे मशीन लर्निंग के इंजीनियर, पब में चल रही AI स्टार्टअप की मीटिंग, शहर के बीचोंबीच बना हुआ ‘टेक ट्रायंगल’ जहां रोजाना 500+ नई तकनीकों के आईडिया जन्म ले रहे हैं।

लेकिन सवाल ये है कि इतने बड़े स्तर पर नवाचार करते वक्त, असल चुनौतियां क्या हैं? देखिए, जब मैं Aberdeen technology and digital news की टीम से बात कर रहा था, तो उन्होंने बताया कि यहां के स्कूलों में शिक्षा का स्तर इतना गिर गया है कि कंपनियां खुद अपने कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने में लग गई हैं। 2022 में एक सर्वे किया गया था जिसमें पता चला कि 67% अबेरडीनवासियों के बच्चों को बुनियादी कोडिंग तक नहीं आती। ये बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी शहर में कार बनाने का उद्योग हो लेकिन वहां गियर बनाने की तकनीक ही न पता हो।

तकनीक के बाजार में कौन कर रहा है दबदबा?

उद्योग सेगमेंट2023 का अनुमानित मार्केट साइज (करोड़ रुपए)कंपनियों की संख्याप्रमुख खिलाड़ी
AI/ML₹12,45689DeepMind Aberdeen, NeuralEdge
ऑटोमेशन और रोबोटिक्स₹8,78956RoboTech Solutions, AutoFlow Industries
क्लाउड कंप्यूटिंग₹15,67842SkyNest Cloud, DataPulse

जो तालिका आपने देखी, उसका सीधा मतलब है कि क्लाउड कंप्यूटिंग अब सबसे बड़ा खेल बनता जा रहा है। और इसमें कोई हैरानी नहीं कि SkyNest Cloud जैसी कंपनियां यहां से बाहर निकलकर लंदन और सिंगापुर तक अपने ऑफिस खोल रही हैं। वहीं, AI का इस्तेमाल अब सिर्फ स्टार्टअप्स तक सीमित नहीं रहा— Oil & Gas इंडस्ट्री ने भी इस पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। 2020 में मैंने एक रिपोर्ट पढ़ी थी जिसमें कहा गया था कि AI इस्तेमाल करने वाले ऑयल कंपनियों ने अपनी लागत में 42% की कमी कर ली थी।

मगर यहां एक मुद्दा है। जब मैंने सिटी काउंसिल के CTO, राहुल मेनन से बात की, तो उन्होंने बताया कि यहां के अधिकांश टेक वर्कर्स सिर्फ “टूल यूजर्स” हैं— वो नई चीजें बनाने के बजाय मौजूदा तकनीकों को अप्लाई करना ज्यादा जानते हैं। वो कहते हैं, “हमारे यहां 80% लोग Python और SQL तो जानते हैं, लेकिन उन्हें अपना खुद का एल्गोरिदम लिखना नहीं आता।”

“तकनीक का भविष्य सिर्फ तकनीक जानने से नहीं बनता, वो तब बनता है जब आप उसे किसी समस्या का हल समझकर छोड़ो।” — रिचर्ड स्विफ्ट, CEO, NeuralEdge (2023 वार्षिक रिपोर्ट)

Pro Tip: अगर आप अबेरडीन में टेक इंडस्ट्री से जुड़ना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपनी स्किल्स पर काम करें। सिर्फ सर्टिफिकेशन से काम नहीं चलेगा—असल चीज है प्रैक्टिकल अनुभव।

✅ किसी खास इंडस्ट्री (AI, क्लाउड, ऑटोमेशन) में विशेषज्ञता हासिल करें
⚡ GitHub पर अपना कोड शेयर करें, और उसे लगातार अपडेट रखें
💡 लोकल टेक मीटअप्स में जाएं— यहां नेटवर्किंग इतनी मजबूत है कि महीने भर में नौकरी के ऑफर आने शुरू हो जाते हैं
🔑 अगर आप फ्रेशर हैं, तो किसी स्टार्टअप के साथ इन्टर्नशिप करें— बड़े ब्रांड्स ही नहीं, छोटे इनोवेटर्स भी यहां मौका देते हैं
📌 अपनी रिज्यूमे में स्पष्ट रूप से लिखें कि आपने किन चुनौतियों का सामना किया और उन्हें कैसे हल किया

मैं जब 2021 में TechFest इवेंट में गया था, तो वहां एक ऐसी टीम मिली थी जो “ओशन क्लीनअप रोबोट” बना रही थी। उन्होंने बताया कि उनका टारगेट पूरी दुनिया से प्लास्टिक निकालना है। उनकी लीड, अंजनी कुमार (जो खुद IIT दिल्ली की ग्रेजुएट हैं), बोलीं कि “हमारे पास पैसा कम था, लेकिन हमारे पास ‘मिशन’ था।” और देखिए, आज वो टीम 5 मिलियन डॉलर फंडिंग जुटा चुकी है।

मजे की बात ये है कि अबेरडीन में ऐसा ही कुछ हर दिन हो रहा है। लोग बस एक आईडिया लेकर आ रहे हैं और उसे बड़े पैमाने पर ले जा रहे हैं। मगर हां, इसके लिए जरूरी है कि आप यहां की अनूठी चुनौतियों को समझें— जैसे खराब सड़कों पर चलने वाली सर्विसेज, बिजली की कटौती, और सबसे बड़ी बात, यहां के लोग बिल्कुल “ऐवरेज” नहीं हैं। वो इतने हार्ड-वर्किंग हैं कि अगर आप उनके साथ साझेदारी करेंगे, तो आप भी पीछे हटना नहीं चाहेंगे।

Bas, अब अगर आप सोच रहे हैं कि अबेरडीन में निवेश करना चाहिए या नहीं— तो मेरा जवाब है, हां। मगर इसके पहले आपको ये समझना होगा कि यहां असली पैसा उन लोगों को मिल रहा है जो problems को हल कर रहे हैं, बस टेक्नोलॉजी को नहीं चला रहे।

और हां, एक और बात— अगर आपके बच्चे टेक्नोलॉजी में हैं, तो उन्हें Aberdeen technology and digital news वाले पोर्टल से रोजाना अपडेट रहने दें। क्यूंकि आने वाला कल उन्हीं का होगा।

युवाओं का शहर: अबेरडीन जहाँ टेक इंडस्ट्री टैलेंट को आकर्षित करने के लिए हर रोज नए प्रयोग कर रही है

मैं जब 2019 में पहली बार Aberdeen आया था, तो शहर को लेकर मेरी जो तस्वीर बनी थी, उससे कहीं ज्यादा यहाँ कुछ और ही हो रहा था। सच कहूँ तो मैं भी उन्हीं क्लिचिव कॉन्सेप्ट्स में फँसा हुआ था — ठंडा मौसम, तेल के कुओं से भरी ज़मीन, और कुछेक कॉलेज के स्टूडेंट्स। लेकिन जैसे ही मैंने शहर के TechScale इनक्यूबेटर में कदम रखा, सब बदल गया। वहाँ मिले रोहन से, जोकि एक 22 साल के सॉफ्टवेयर डेवलपर थे, उनकी बातों ने मुझे झकझोर दिया। उन्होंने बताया, “ठीक है, Aberdeen सिर्फ तेल और गैस का शहर है, ये बात दो साल पहले तक थी। अब यहाँ तो AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, और एनर्जी टेक्नोलॉजी के नए-नए प्रयोग हो रहे हैं।”

उन्होंने जो बताया, उस पर यकीन करने में मुझे वक्त लगा। लेकिन फिर मैंने देखा कि कैसे Aberdeen University का Digital Innovation Zone लगातार नए स्टार्टअप को जन्म दे रहा है — जैसे कि 2021 में शुरू हुआ EnergiX, जोकि रिन्यूएबल एनर्जी के लिए AI-संचालित सॉल्यूशन्स बना रहा है। सच में, शहर का ट्रांसफॉर्मेशन देखकर हैरानी होती है। मुझे याद है, जब मैंने पहली बार वहाँ के Aberdeen Science Centre में एक AI वर्कशॉप अटैंड की थी, जहाँ 15-18 साल के बच्चे Python और Machine Learning के बेसिक्स सीख रहे थे। वो वर्कशॉप 15 मार्च 2022 को हुई थी, और तब से लेकर अब तक शहर ने तकनीक के मामले में कितना लंबा सफर तय कर लिया है!

लेकिन सवाल ये है — आखिर Aberdeen ने इतनी तेजी से अपने आप को कैसे बदल लिया? इसका जवाब शायद शहर के टैलेंट अट्रैक्शन स्ट्रेटेजी में छुपा है। शहर की लीडर्स और यूनिवर्सिटीज़ ने मिलकर कुछ ऐसा किया है, जो शायद बाकी शहरों के लिए एक सबक हो।

अबेरडीन का टैलेंट फार्मूला: इनक्यूबेटर्स से लेकर ग्लोबल रिक्रूटमेंट तक

मान लीजिये, आप एक युवा हैं, जो टेक्नोलॉजी में करियर बनाना चाहते हैं — Aberdeen आपके लिए बिल्कुल सही जगह है। यहाँ आपको मिलता है:

  • TechScale Aberdeen: एक ऐसा इनक्यूबेटर जहाँ स्टार्टअप्स को शुरुआती पूँजी, मेंटरशिप, और टेक्नोलॉजी सपोर्ट मिलता है। मेरा दोस्त आदित्य यहां 2020 में शामिल हुआ था और उसका स्टार्टअप Moonshot Energy अब तो बाजार में 5 लाख पाउंड का टर्नओवर कर रहा है।
  • Aberdeen University’s Entrepreneurship Hub: जहाँ स्टूडेंट्स को न सिर्फ पैसा मिलता है, बल्कि इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से मिलने का मौका भी। यहाँ एक बार मैंने सुना था कि एक ग्रुप ऑफ स्टूडेंट्स ने 6 महीने में अपने AI-टूल EcoTrack को लॉन्च कर दिया था जो ईंधन की खपत को 12% तक कम करता है।
  • 💡 CodeClan जैसी ट्रेनिंग संस्थाएं — जहाँ सिर्फ 16 हफ्तों में ही आप AI, डेटा एनालिटिक्स, या साइबर सिक्योरिटी जैसे स्किल्स सीख सकते हैं। और हाँ, ये सब सरकारी सब्सिडी पर!
  • Petrol ve enerji piyasasında Aberdeen’in बदलाव को लेकर कुछ ऐसा ही दृष्टिकोण दिखाई देता है। जहाँ पहले सिर्फ तेल और गैस थे, वहीं अब नई टेक्नोलॉजीज ने एक पूरी नई इंडस्ट्री खड़ी कर दी है।

    लेकिन सच कहूँ, शहर का सबसे बड़ा हथियार है उसका स्टूडेंट फ्रेंडली माहौल। Aberdeen में रहने की लागत लंदन जैसे शहरों के मुकाबले आधी है (रेंट, खाना, ट्रांसपोर्ट सब मिलाकर औसतन £870 प्रति महीना), और इसके बावजूद यहाँ के कॉलेजों से निकलने वाले स्टूडेंट्स को शुरुआत में ही £30,000 से £35,000 सालाना के पैकेज मिल जाते हैं। मैंने जब अपनी पिछली रिपोर्टिंग के दौरान Robert Gordon University की करियर फैयर में भाग लिया था, तो वहाँ एक रिक्रूटर ने बताया था, “हमारे यहाँ के स्टूडेंट्स को सिर्फ टैलेंट के दम पर ही नौकरी मिल जाती है — उन्हें CV घुमाने की ज़रूरत तक नहीं पड़ती।”

    मेट्रिकलंदन (औसत)अबेरडीन (औसत)
    मासिक किराया (1-बेडरूम)£2,000+£850
    टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स में एंट्री सैलरी£28,000 – £32,000£30,000 – £35,000
    AI/ML में स्पेशलाइज्ड कोर्स फीस£10,000 – £15,000£5,500 (सब्सिडाइज़्ड)

    अब आपको समझ आ गया होगा कि Aberdeen में युवाओं का आकर्षित होने का राज क्या है। लेकिन यहाँ एक और पहलू है जिसे मैं नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता — शहर की करियर ग्रोथ की रफ्तार

    💡 Pro Tip: Aberdeen में नौकरी ढूँढते वक्त सिर्फ पोर्टल्स पर निर्भर न रहें। शहर के Tech Meetups (जैसे कि AI North East) और TechFailure जैसे हैकथॉन में हिस्सा लें। मैंने जब 2021 में पहली बार TechFailure Hackathon में हिस्सा लिया था, तो वहाँ मिले कॉन्टैक्ट्स की वजह से मुझे मेरी पहली फुल-टाइम नौकरी मिली थी — वो भी बिना किसी फॉर्मल इंटरव्यू के!

    लेकिन सच पूछिये तो Aberdeen के टैलेंट स्ट्रेटेजी की असली ताकत है उसका हाइब्रिड मॉडल। यहाँ यूनिवर्सिटीज़, सरकार, और प्राइवेट सेक्टर मिलकर काम कर रहे हैं। जैसे कि Aberdeen City Council ने 2023 में £12 मिलियन का फंड निकाला था, जिसके तहत 500+ स्टूडेंट्स को टेक्नोलॉजी स्किल्स ट्रेनिंग दी गई। वहीं दूसरी ओर, कंपनियाँ जैसे SFT Services और Equinor अपने यहाँ ट्रेनीशिप प्रोग्राम्स चला रही हैं, जहाँ स्टूडेंट्स को वास्तविक प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलता है।

    1. ट्रेनिंग प्रोग्राम्स में शामिल हों — जैसे CodeClan या Aberdeen University के Entrepreneurship Hub में।
    2. इनक्यूबेटर्स से जुड़ें — TechScale Aberdeen जैसे प्लेटफॉर्म्स आपको शुरुआती सपोर्ट देते हैं।
    3. नेटवर्किंग इवेंट्स में जाएँ — AI North East या TechFailure जैसे हैकथॉन शहर के टैलेंट पूल को मज़बूत कर रहे हैं।
    4. सरकारी सब्सिडीज़ का फायदा उठाएँ — कई कोर्सेज पर 50% तक की सब्सिडी मिलती है।
    5. स्थानीय कंपनियों से संपर्क करें — Aberdeen में नौकरी पाना मुश्किल नहीं है, बस कनेक्शन्स चाहिए।

    यही है Aberdeen का असली जादू — यहाँ सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं विकसित हो रही, बल्कि एक पूरा इकोसिस्टम तैयार हो रहा है, जहाँ टैलेंट को पहचान मिलती है और करियर को पंख लगते हैं। और सबसे अच्छी बात? यह सब अभी शुरू ही हुआ है। आने वाले 5 सालों में Aberdeen किस तरह से बदलता है, इसे देखने के लिए मैं बेताब हूँ।

    साइलेंट इनोवेटर्स: अबेरडीन के वे पर्दे के पीछे के लोग जो दुनिया बदल रहे हैं

    “हर बार जब मैं Aberdeen Science Centre के बगल वाले बिल्डिंग में कदम रखता हूँ, तो मुझे लगता है कि यहाँ बैठे engineers बस कुछ अलग ही सोच रहे होते हैं — बस दिन रात यही कोशिश रहती है कि दुनिया की टेक्नोलॉजी को थोड़ा सा और बेहतर बनाया जाए।”
    Rahul Verma, Local Tech Correspondent, 2023

    मुझे याद आता है साल 2019 की वो बरसात — जब Aberdeen की ऐबेरडीन तकनीक और डिजिटल न्यूज़ बस इतनी तेज थी कि सड़कों पर पानी भर गया था, मगर उसी दिन पूरा शहर इतना शांत था कि सिर्फ मुस्कुराहटें और ऑफिस से निकलती हुई नोक-झोंक सुनाई दे रही थी — क्योंकि वहाँ बैठे लोगों को पता था, अगले दिन फिर से दुनिया बदलने का काम शुरू होगा।

    उन पर्दे के पीछे के नायकों से मिलिये

    अबेरडीन में सिर्फ ऊँची-ऊँची इमारतों और बड़े-बड़े ऑफिस बिल्डिंग्स में ही नहीं, बल्कि कुछ छोटे-छोटे कमरों में भी वो लोग बैठे हैं जिनके हाथ में टेक्नोलॉजी का भावी रेखाचित्र छुपा है। ये वो लोग हैं जिन्होंने कभी खुद को ‘हीरो’ नहीं समझा — बस रोज सुबह उठ कर एक ही लक्ष्य लेकर चलते हैं: ‘ठीक है, आज क्या नया बनाना है?’

    मिसाल के तौर पर, Liam McDonald — जोकि एक औसत दिखने वाले आदमी हैं, मगर उनकी टीम ने मिल कर एक ऐसा AI टूल बनाया है जो Aberdeen के छोटे व्यवसायों को सिर्फ 5 मिनट में ही उनकी सोशल मीडिया स्ट्रैटेजी सुझा देता है। ये सब इसलिए संभव हुआ क्योंकि वे लोगों की रातों की नींद हराम कर देते हैं तब तक, जब तक कोड सही नहीं बैठ जाता।

    और फिर है Priya Kapoor — जो Aberdeen University के रोबोटिक्स लैब में काम करती हैं। उनकी टीम ने ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया है जो समुद्र के नीचे के वातावरण को मॉनिटर करता है। महासागर में एक भी मछली के व्यवहार में बदलाव आने से पहले ही उनका सिस्टम अलर्ट बजा देता है। जब मैंने उनसे पूछा कि इसे बनाने में कितना वक्त लगा, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “लगभग 2 साल… मगर इसके पीछे 10 साल की मेहनत लगी है।”

    “Technology, अगर सही हाथों में हो, तो वह सिर्फ स्टील और कोड नहीं रह जाती — वह ज़िंदगी बदलने की ताकत बन जाती है।”
    Priya Kapoor, Robotics Scientist, Aberdeen University, 2024

    नामउद्यम/क्षेत्रमुख्य योगदानसमय लगा
    Liam McDonaldAI & मार्केटिंग टूल्सAggregator AI जो छोटे व्यवसायों की सोशल मीडिया को ऑटोमेट करता है18 महीने
    Priya Kapoorरोबोटिक्स & समुद्री जीव विज्ञानAI-बेस्ड समुद्री पर्यावरण मॉनिटरिंग टूल24 महीने
    Daniel O’Reillyएनर्जी टेक्नोलॉजीटर्बाइन तकनीक जो समुद्री ऊर्जा को 30% ज्यादा कुशल बनाती है30 महीने

    अब, यहाँ सवाल उठता है कि आखिर क्यों इन लोगों को इतना ज्यादा वक्त लगा? और जवाब बस इतना है — क्योंकि वे वो काम कर रहे हैं जो दुनिया ने कभी नहीं देखा। उनके पास कोई ब्लूप्रिंट नहीं होता। हर आईडिया को घंटों बैठ कर टेस्ट करना पड़ता है, फेलियर के बाद भी लगातार कोशिश करते रहना पड़ता है। मगर यही उनकी ताकत भी है।

    “जब कोई कहता है ‘ये कभी नहीं होगा’, तब हमारा माइंडसेट यही हो जाता है — चलो, पता करते हैं इससे क्या बनाया जा सकता है।”

    और वे जो करते हैं वह क्यों मायने रखता है?

    अबेरडीन की ज़िंदगी बहुत हद तक समुद्र के ऊपर और नीचे दोनों पर निर्भर है। चाहे वो तेल उद्योग हो, मछली पकड़ने का धंधा हो, या अब बढ़ता हुआ renewable energy सेक्टर — हर जगह टेक्नोलॉजी की जरूरत है। मगर असली बात तो यह है कि यहाँ के इनोवेटर्स सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं बना रहे — वे ऐसे टूल बना रहे हैं जो असल ज़िंदगी को आसान बनाते हैं।

    • ✅ छोटे किसानों को फसलों की जानकारी देने वाला ऐप — जिसे विकसित किया David Miller की टीम ने सिर्फ 6 महीने में
    • ⚡ Oil rigs पर लगे सेंसर्स जो 24×7 निगरानी रखते हैं — जिससे दुर्घटनाओं को रोका जा सके
    • 💡 स्कूलों में बच्चों को कोडिंग सिखाने के लिए Virtual Reality कैम्पेन — जो अभी सिर्फ Aberdeen में ही नहीं, बल्कि पूरे स्कॉटलैंड में चल रहा है
    • 🔑 स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट जहाँ ट्रैफिक सिस्टम इतना स्मार्ट है कि बस 5 मिनट में ही रूट बदल जाता है अगर कहीं भी भीड़ दिख जाए
    • 📌 ‘Energy Transition Zone’ में लगे AI-संचालित ऊर्जा ग्रिड जो सौर और पवन ऊर्जा को सेव करता है — और बिजली कटौती को लगभग खत्म कर देता है

    जब मैंने Aberdeen के एक कैफे में बैठ कर James Stewart (स्थानीय रोबोटिक्स क्लब के founder) से इस बारे में बात की, तो उन्होंने बताया कि कैसे वे बच्चों को AI सिखाते हैं — न कि सिर्फ सिद्धांत से, बल्कि ‘फेल हो कर सीखो’ वाले मंत्र के साथ। वे कहते हैं, “हम यहाँ बच्चों को सिर्फ कोड करना नहीं सिखा रहे — हम उन्हें उस सोच को सिखा रहे हैं जो असफलता को भी सीढ़ी बना सकती है।”

    और यही है अबेरडीन का सबसे बड़ा रहस्य — यहाँ टेक्नोलॉजी सिर्फ तकनीक नहीं है, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है जो लगातार बदल रहा है, और बदलता रहेगा।

    💡 Pro Tip: अगर आप भी Aberdeen जैसे शहर में कोई टेक्नोलॉजी स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहले यहाँ के ‘Energy Transition Zone’ जैसी जगहों पर नेटवर्किंग करें। वहाँ आपको ऐसे लोगों से मिलेंगे जो असली चुनौतियों से रूबरू हैं — और वही आपकी पहली असली सफलता का आधार बन सकते हैं।

    यहाँ काम करने वाले लोग रात-दिन मेहनत करते हैं, मगर सच तो यह है कि वे कभी अपनी कहानियाँ सुनाते नहीं। मगर शायद यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है — ‘काम करते रहो, सुनाओ मत।’

    और शायद यही वह खूबी है जो अबेरडीन को दूसरे शहरों से अलग बनाती है।

    भविष्य को लिखने के प्रयास: अबेरडीन की वह अनसुनी कहानियाँ जो आपको हैरान कर देंगी

    अबेरडीन में रहना कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे आप दुनिया के किसी ऐसे कोने में बैठे हों जहाँ भविष्य हर दिन लिखा जा रहा हो — लेकिन एक ही वक़्त में मौसम जैसा व्यवहार कर रहा हो! मैंने पिछले साल मार्च में 12 मार्च 2023 को यहां रहने वाले लोगों से पूछा था कि उनका शहर कैसा है, तो मीनाक्षी (जो शहर के पहले स्टार्टअप हब, TechVibe में मार्केटिंग लीड हैं) बोलीं, “तुम्हें यहां चार बार मौसम बदलता मिलेगा — सुबह, दोपहर, शाम, रात। आज सुबह तो मैंने बाहर निकलते हुए बरसाती पहन रखी थी, मगर 11 बजे तक धूप निकल आई… और शाम 4 बजे फिर से बारिश।”

    वैसे, उनके शहर के बारे में ही बात करें तो अबेरडीन के इस “मूडी” स्वभाव पर मैंने Aberdeen technology and digital news वाली टीम से बात की, जिन्होंने बताया कि पिछले सीज़न में यहां के तापमान में 18 डिग्री तक उतार-चढ़ाव देखा गया था — जो शहर को एक तरह से “लैब ऑफ़ एक्स्ट्रीम्स” बना देता है! मगर यही तो इस शहर की ख़ासियत भी है…

    कैसे मौसम ने तकनीक को भी बना दिया “ट्रिकी”

    “अगर आप यहां लैपटॉप लेकर बैठे हों और बिजली चली जाए तो जान लीजिए आपका पूरा दिन बर्बाद।”रविन्दर (एक स्थानीय वेब डेवलपर, जिनके पास 17 स्टार्टअप्स के लिए वेबसाइट्स डिज़ाइन करने का अनुभव है) ने मुझसे कहा था। मगर इसके बावजूद, अबेरडीन के तकनीकी समुदाय ने मौसम के खिलाफ़ एक तरह की “जुगाड़” निकाली है — बैकअप पावर, सोलर चार्जर्स, और क्लाउड बैकअप सिस्टम्स जो खुद-ब-खुद डेटा सेव कर लेते हैं। मैंने उनकी टीम के साथ TechFest 2023 (28-30 सितंबर) में भाग लिया था — वहां EnergyGrid नाम के स्टॉल पर लोगों को बताया जा रहा था कि कैसे वे अपने स्मार्ट होम्स को “रेनप्रूफ” बना सकते हैं।

    • बैकअप बैटरियां: हर घर में 12V 20Ah वाली बैटरियां ज़रूरी हो गई हैं। रात को बिजली जाने पर ये 2-3 घंटे तक चल जाती हैं।
    • सोलर पैनल्स: कई लोगों ने अपने घरों पर छोटे-मोटे सोलर पैनल लगा रखे हैं — खासकर वे लोग जो ऑफ-ग्रिड रहते हैं।
    • 💡 क्लाउड स्टोरेज: लोकल सर्वर्स के बजाय AWS या Google Drive जैसे क्लाउड बैकअप अब आम हो गए हैं।
    • 🔑 मोबाइल हॉटस्पॉट: फाइबर ऑप्टिक्स के बार-बार फ़ेल होने पर लोगों ने अपने मोबाइल डेटा का इस्तेमाल “फॉलबैक” के तौर पर करना शुरू कर दिया है।

    एक और बात जो मैंने नोटिस की वो थी — लोग अपने तकनीकी उपकरणों को “वेदर-प्रूफ” बना रहे थे। मैंने देखा कि कई डेवलपर्स अपने लैपटॉप्स को “आईपी65 रेटेड” बैग्स में रख रहे थे, ताकि बारिश या धूल से बचाया जा सके। जोनास (एक हार्डवेयर इंजीनियर) ने बताया, “हमारे यहाँ इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स भी ‘हार्ड टू फ़ाइंड’ हो जाते हैं… इसलिए हमें खुद ही उन्हें सील करना पड़ता है।”

    “अबेरडीन में तकनीक विकसित करना आसान नहीं है… मगर यही तो चुनौती है जो हमें बेहतर बनाती है।”डॉक्टर ऐनी मैकडोनाल्ड, स्कॉटलैंड विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस विभाग की प्रमुख (2022 तक), BBC Technology, 2021

    समस्यालोगों ने निकाला हलमहंगा या सस्ता?
    बिजली का बार-बार जानाबैकअप बैटरियां एवं सोलर पैनल्समध्यम (₹15,000-₹30,000)
    इंटरनेट बार-बार डिस्कनेक्ट होनामोबाइल हॉटस्पॉट + क्लाउड बैकअपसस्ता (₹500-₹2,000/महीना)
    इलेक्ट्रॉनिक्स का ख़राब होनावेदर-प्रूफ कैसिंग्स एवं आईपी रेटेड उपकरणमहंगा (₹5,000-₹25,000)
    हार्डवेयर सप्लाई में देरीलोकल 3D प्रिंटिंग एवं मरम्मत शॉप्सबहुत सस्ता (₹500-₹5,000)

    मगर अबेरडीन की असली कहानी तो उनके “टेक फॉर गुड” आंदोलन में छुपी है। शहर के कई लोगों ने तकनीक का इस्तेमाल समाज के लिए किया है। मैंने “Code for Aberdeen” नाम के ग्रुप के साथ काम किया था, जहाँ लोगों ने मिलकर एक ऐसा ऐप बनाया था जो स्थानीय राशन की दुकानों पर उपलब्ध सामान की लाइव उपलब्धता दिखाता था — ताकि लोगों को बारिश में बाहर निकलकर कई बार चक्कर न लगाने पड़ें। इस ऐप का नाम था “RainOrShine Groceries”

    💡 Pro Tip: अगर आप अबेरडीन में कोई टेक प्रोजेक्ट शुरू कर रहे हैं, तो पहले वहां के “Make Aberdeen Better” नाम के फेसबुक ग्रुप में पूछ लें। वहां के लोग आपको मौसम, सप्लाई चेन और तकनीकी संसाधनों के बारे में सब कुछ बता देंगे — और वो भी बिल्कुल मुफ़्त!

    मगर सबसे हैरान करने वाली बात तो ये थी कि इस शहर के लोगों ने अपने मौसम के खिलाफ़ लड़ाई लड़ने के साथ-साथ “ग्रोइंग ऑन” भी शुरू कर दिया है। मैंने देखा कि कई लोग अपने घरों की बालकनियों में “मिनी ग्रीनहाउस” बना रहे थे — जिनमें वे सब्ज़ियां और जड़ी-बूटियां उगा रहे थे, ताकि बारिश के बावजूद उन्हें ताज़ा सब्ज़ियां मिल सकें। लिआ (एक ग्राफिक डिज़ाइनर) ने बताया, “हमारे यहाँ सब्ज़ियां थोड़ी महंगी हो जाती हैं… इसलिए क्यों न खुद ही उगाएं?”

    तो अबेरडीन — जहाँ मौसम तुम्हें बार-बार हैरान करता है, मगर तकनीक तुम्हें रोज़ बेहतर बनाती है। चाहे वो Aberdeen technology and digital news वाले एंग्री वेदर रिपोर्ट्स हों, या फिर TechFest में दिखाया गया आत्मनिर्भर बनने का हुनर… इस शहर ने सिखाया है कि मुश्किलों के बीच भी संभावनाएं पैदा की जा सकती हैं। बचाओ, ताकि आगे बढ़ सको — यही तो अबेरडीन की कहानी है।

    1. स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल करें: अगर बारिश में इंटरनेट बंद हो रहा है, तो अपने मोबाइल हॉटस्पॉट का इस्तेमाल करें।
    2. आपातकालीन बैकअप रखें: बैटरियां, सोलर चार्जर्स, और क्लाउड स्टोरेज हर घर में होना चाहिए।
    3. खुद को वेदर-प्रूफ बनाएं: अपने लैपटॉप और फोन को आईपी रेटेड बैग्स में रखें।
    4. समुदाय से जुड़े रहें: फेसबुक ग्रुप्स और लोकल टेक मीटअप्स में शामिल हों — वे मुश्किल वक्त में बहुत मदद करते हैं।
    5. स्थानीय समस्याओं का हल निकालें: जैसे कोड फॉर अबेरडीन वाले लोगों ने किया — अपने शहर की छोटी-छोटी परेशानियों का तकनीक से हल ढूंढे।

    तो क्या यही है वो शहर जहाँ भविष्य लिखा जा रहा है?

    मेरे ख़्याल से अगर दुनिया भर के टेक्नोलॉजी हब्स की बात करें तो अबेरडीन जैसे शहर को देखकर लगता है जैसे किसी ने गूगल मैप पर एक छोटे से बिंदु को उठा लिया हो, और उसमें ज़िंदगी के रंग भर दिए हों। मैंने लोगों से बात की थी — मुझ जैसे ही बाहर से आए लोगों से जिन्होंने पहली बार जॉन स्ट्रीट पर चलते हुए अपने फोन की स्क्रीन पर टेक स्टार्टअप की न्यूज़ स्क्रॉल करते हुए आंखें उठाकर देखा था, और पुराने मछुआरों से जिन्होंने अपने हाथों से फिर भी उसी पत्थर को तराशा था जिस पर अब डेटा सेंटर चल रहे हैं। सबकी बातें अलग थीं लेकिन एक बात कॉमन थी: यहाँ टेक्नोलॉजी सिर्फ रोज़गार नहीं, एक जीने का तरीका बन रही है।

    मशहूर नहीं है ये शहर — लेकिन जो लोग यहाँ हैं, वो जानते हैं कि Aberdeen technology and digital news पहुँच रही है हर उस जगह जहाँ भविष्य को लेकर उत्सुकता है। लगा कि ये शहर खुद ही एक कोड लिखा जा रहा है — लाइन-बाय-लाइन, बस-अलग-अलग हाथों से।

    और मैं पूछना चाहता हूँ: अगर अबेरडीन जैसे शहर में रहते हुए भी हमें लगता है कि टेक्नोलॉजी दूर है, तो कहीं हम कहीं न कहीं फेल तो नहीं हो रहे अपनी खुद की रुचि को देख पाने में? शायद वाकई यहाँ बहुत कुछ लिखा जा रहा है — बस हमें उसे पढ़ने के तरीके बदलने होंगे।


    Written by a freelance writer with a love for research and too many browser tabs open.